पहले ही प्रयास में AIBE पर फतह, हिमांश शर्मा ने वकालत की दुनिया में दर्ज कराई दमदार मौजूदगी

Editor

Editor

Local Desk | Updated: 22 Jul 2026, 01:52 AM IST | 1 min read
पहले ही प्रयास में AIBE पर फतह, हिमांश शर्मा ने वकालत की दुनिया में दर्ज कराई दमदार मौजूदगी
Share:

ग्वालियर। मेहनत, धैर्य और कानून की गहरी समझ जब एक साथ मिल जाए, तो सफलता केवल एक परिणाम नहीं बल्कि एक नई पहचान बन जाती है। ऐसा ही कर दिखाया है युवा विधि विशेषज्ञ हिमांश शर्मा ने, जिन्होंने देश की प्रतिष्ठित ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) परीक्षा प्रथम प्रयास में ही उत्तीर्ण कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम दर्ज कराई है।

 

AIBE को देश में अधिवक्ताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण योग्यता परीक्षाओं में से एक माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में इस परीक्षा का स्तर लगातार चुनौतीपूर्ण हुआ है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार हाल के वर्षों में प्रश्नपत्र अधिक विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक हो गए हैं, जिसके कारण कई अभ्यर्थियों को लंबे समय तक तैयारी करने के बावजूद सफलता नहीं मिल पाती। ऐसे समय में प्रथम प्रयास में परीक्षा पास करना अपने आप में उल्लेखनीय उपलब्धि माना जाता है।

 

AIBE में सफलता के बाद अब हिमांश शर्मा को Certificate of Practice (CoP) प्राप्त होगा। इसके साथ ही वे देश के किसी भी न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में विधिक कार्य करने के पात्र होंगे।

 

अपनी सफलता पर हिमांश शर्मा का कहना है कि यह उपलब्धि किसी शॉर्टकट का परिणाम नहीं, बल्कि वर्षों की सतत पढ़ाई और कानून को समझने की लगन का प्रतिफल है। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से Bare Acts, न्यायिक निर्णयों और विभिन्न कानूनी विषयों का नियमित अध्ययन करते रहे हैं। उनका मानना है कि कानून को केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि न्याय की भावना को समझने के उद्देश्य से पढ़ना चाहिए।

 

हिमांश शर्मा ने बताया कि उनकी विशेष रुचि क्रिमिनल लॉ में है। वे आपराधिक मामलों का गहराई से अध्ययन करते हैं और समय-समय पर लोगों को कानूनी मार्गदर्शन भी देते रहे हैं। उनका कहना है कि यदि किसी जरूरतमंद या आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति को न्याय पाने में कानूनी सहायता की आवश्यकता होती है, तो वे यथासंभव निशुल्क सहयोग करने का प्रयास करते हैं।

 

हिमांश शर्मा की यह सफलता उन हजारों विधि छात्रों और युवा अधिवक्ताओं के लिए प्रेरणा है, जो ईमानदारी, निरंतर अध्ययन और समर्पण के बल पर अपने करियर में नई ऊंचाइयों को छूना चाहते हैं। प्रथम प्रयास में AIBE जैसी चुनौतीपूर्ण परीक्षा उत्तीर्ण कर उन्होंने यह संदेश दिया है कि मजबूत तैयारी, अनुशासन और कानून की गहरी समझ के साथ कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है

Comments (0)

Advertisement