बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बैगा समुदाय के बच्चों की मौत से जुड़ा मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। बच्चों की लगातार मौतों को लेकर दायर जनहित याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। मामले में दूरदराज के आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं और बच्चों को समय पर इलाज मिलने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
याचिका में बताया गया है कि बालाघाट जिले के बिरसा और बैहर ब्लॉक के कई दूरस्थ गांवों में रहने वाले बैगा समुदाय के परिवारों के बच्चों की अलग-अलग बीमारियों के चलते मौत हुई है। याचिका में करीब 25 बच्चों की मौत का उल्लेख किया गया है। इसमें खसरा, मलेरिया, फाल्सीपेरम मलेरिया, तेज बुखार, त्वचा संबंधी बीमारी और गंभीर कुपोषण जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का जिक्र किया गया है।
जनहित याचिका में क्या कहा गया?
मामले को लेकर दाखिल जनहित याचिका में प्रभावित इलाकों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई गई है। याचिकाकर्ता के मुताबिक, इन क्षेत्रों में रहने वाले कई परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और दूरस्थ इलाकों में रहने के कारण बच्चों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना उनके लिए मुश्किल होता है।
याचिका में यह भी दावा किया गया है कि जून 2026 से हुई कुछ बच्चों की मौतों को स्थानीय प्रशासन ने मलेरिया और खसरा जैसी मौसमी बीमारियों से जोड़कर देखा है। वहीं, अन्य मामलों में अलग-अलग चिकित्सकीय कारण बताए गए हैं। इसी वजह से पूरे मामले की विस्तृत जांच और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इस पूरे घटनाक्रम पर जवाब मांगा है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि हलफनामे में सामने आए तथ्यों को याचिका में संशोधन के जरिए रिकॉर्ड पर शामिल किया जाए, ताकि संबंधित पक्षों से उस पर जवाब लिया जा सके।
इस मामले ने एक बार फिर आदिवासी और दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच, बच्चों में कुपोषण तथा संक्रामक बीमारियों की रोकथाम को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अब राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में दिए जाने वाले जवाब से यह स्पष्ट होगा कि इन मौतों के पीछे प्रशासन की जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाए गए हैं।
फिलहाल हाईकोर्ट की निगरानी में मामला आगे बढ़ रहा है और सरकार के जवाब के बाद इस मामले में तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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