देहदान की अनोखी मिसाल: अवस्थी परिवार ने गार्ड ऑफ हॉनर के साथ मेडिकल कॉलेज को किया पार्थिव शरीर समर्पित

देहदान की अनोखी मिसाल: अवस्थी परिवार ने गार्ड ऑफ हॉनर के साथ मेडिकल कॉलेज को किया पार्थिव शरीर समर्पित

दतिया। (शाहिद कुरेशी की रिपोर्ट): देहदान जैसा महान कार्य एक बार फिर मानवता को नई दिशा देता हुआ दिखाई दिया। टीकमगढ़ निवासी आशुतोष अवस्थी ने अपने पिता हरि विष्णु अवस्थी के निधन उपरांत पारंपरिक अंतिम संस्कार न करते हुए उनका पार्थिव शरीर शैक्षणिक और शोध कार्यों के लिए दतिया मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग को समर्पित किया।

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. दीपक सिंह मरावी ने अवस्थी परिवार के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि – “देहदान सबसे बड़ा दान है। इससे आने वाले डॉक्टरों को मानव शरीर की संरचना समझने में अपार सहायता मिलती है। अवस्थी परिवार की यह पहल न केवल प्रेरणादायक है बल्कि समाज में नई चेतना जगाने वाली है।”

एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. समीर साठे ने जानकारी दी कि श्री अवस्थी का पार्थिव शरीर मेडिकल छात्रों की शिक्षा हेतु उपयोग में लाया जाएगा, जिससे भावी चिकित्सकों को प्रत्यक्ष अध्ययन का अवसर प्राप्त होगा।

शरीर दान से पूर्व मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों, छात्रों, स्टाफ और परिवारजनों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर उन्हें गार्ड ऑफ हॉनर सम्मान भी प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में मेडिकल अधीक्षक डॉ. अर्जुन सिंह, डॉ. विवेक वर्मा, डॉ. सुरेन्द्र बौद्ध, डॉ. त्रिभुवन सिंह, डॉ. सचिन यादव सहित मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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